Thursday, December 11, 2008

सिंघासन का सेमीफाइनल ...या सत्ता का नया समीकरण??

दिल्ली , छत्तीसगढ़ , राजस्थान , मध्यप्रदेश ,और मिजोरम की सत्ता का फ़ैसला तो हो गया है॥
दिल्ली में जहा शीला आंटी कुर्सी पर विराजेंगी, वही मध्यप्रदेश में पैदल-पाँव वाले भाईसाहब यानी की शिवराज सिंह जी मुख्यमंत्री होंगे..चावल वाले बाबा यानी रमण सिंह जी को भी गद्दी मिल जायेगी मगर राजस्थान का मुख्यमंत्री कोन होगा?? कुर्सी एक उम्मीदवार पाँच और एक भी कुर्सी के लायक नही है...यही जनतंत्र की विशेषता है..पाँच -छेह महीने बाद लोक सभा का चुनाव भी होना है..ऐसे में किसको खुश रखे और किस्से मोह भंग करे बड़ी मुश्किल में hai कांग्रेस ...शीश राम ओला ,अशोक गहलोत ,गिरिजा व्यास, सी. पी.जोशी(दौड़ में पीछे है) , और सोना राम जी ।
सोना राम jee ने जात-पात की दुहाई देते ही कह दिया है की कायस्थ , माली , ब्राहमण , सब बन चुके है अब्ब जाट की बारी है..(चाहे वो जाट nakabil ही क्यों न हो) शीश राम ओला के मुह से शब्द निकलते नही है- उनकी आधी बात उनके मुह में रह जाती है और आधी बात समझ नही आती है..गहलोत चाहे कुच्छ न कहे मगर लड्डू तो उनके मन् में भी है..और बीच में गिरिजा व्यास ना जाने कहा से आ टपकी।
अगर जाटों को नाराज़ कर दिया तो इसका सीधा असर लोक सभा चुनावों में दिखेगा ..शायद महारानी (वसुंधरा राजे) इस बात को जान गई है..और तुष्टिकरण के सिवा और कोई चारा भी नही है..महरानी की गद्दी जाट समीकरणों के वजह से भी गई है ॥ खैर पार्टी की मीटिंग जारी है..सभी lobbying कर रहे है...और सबका यही कहना है फैसला आलाकमान करेगा॥ मगर क्या जनता सो रही है ?? क्या मुख्यमंत्री को उसकी जाती के आधार पर चुना जाना ठीक है?? उसकी बौधिक्क क्षमता पर नही?? महाराष्ट्र में भी यही हो रहा है॥ कांग्रेस ने क्षेत्रवाद को काउंटर करने के -की भाई हम भी मराठियों की सोचते है सभी मंत्री मराठी ही रखे है...ऐसा किस लिए??
जाती को काउंटर करने के लिए उस का मुख्यमंत्री चुन् लेना ही आजकल समझदारी वाला निर्णय माना जा रहा है..ऐसा सिर्फ़ एक पार्टी के बारे में नही है..दुसरे भी शयद इस समय इसी मुद्दे को ऐसे हे काउंटर करते...क्यूंकि इसी में फायदा है..और फायदा ही सब कुछ है॥

वही बात मिजोरम की -- कांग्रेस का दब दबा कायम है॥ भा.जा.पा.का पता हमेशा की तरह साफ़ है..मगर हमारी मीडिया ने हर राज्य के चुनावों को अच्छी तरह से भुनाया मगर वही मिजोरम कुच्छ अलग थलग सा पडा है--क्यो?? वह के लोगो की प्रतिक्रिया भी शायद टी.आर.पी के लायक नही होगी ? एक भी दृश्य वह का नही दिखा सिर्फ़ ग्राफिक्स के जरिये ही वहा का हाल पता चला..वाह रे मीडिया के बुद्धिजीवी लोगो, शायद इसी कारण से वह पर अलगाव होने का दबाव है..लोग हमसे जुदा महसूस नही करते और seperatist tendency वहा उफान पर है..कोन सा नेता अपनी चुनाव प्रचार के लिए waha गया ..कोई गया ?? कोई भी नही... पता नही कब ये पूर्वोत्तर राज्य हम से kat कर अलग गिर जाए और हम मुह ताकते रह जाए....!!

इन् चनावों में हाथी की चाल एक दम मदमस्त थी॥ वोट बटोरे नही, मगर काटे ज़रूर और जहा सीट मिली वो बोनस अलग से था..इस चुनाव में मैडम माया की माया ने सबके चुनावी गठजोड़ की हवा ढीली कर दी..जहा उम्मीदवारों का जीता जाना तय माना जा रहा था वहा वोट कटे और जीत कोई और गया...भाई साहब अगर दलित को नज़रंदाज़ कब तक करोगे? उसे भी अपना एक विकल्प मिल गया है ..विधान सभा चुनावों में बहुजन पार्टी ने कई जगह सीट ली है और उनकी पार्टी का ग्राफ भी धीरे धीरे बदता जा रहा है---और इस मुसीबत को काउंटर करने के लिए पार्टिया कोन सा विकल्प तैयार कर रही है ये कोई नही जानता या फ़िर कोई कर नही पा रहा...
वोटरों की बात करे तो वो भी बडे समझदारी से निर्णय ले रहा है ..अपना फायदा उसे भी पता है..छत्तीसगढ़ और जम्मू कश्मीर में वोटरों की संख्या देखे तो वो सराहनीय है॥ जहा छ: गढ़ में नक्सल की गतिविधिया है वही जम्मू में आतंक का साया है लोग फ़िर भी उत्साहित थे ...यहाँ एलेक्शन कमीशन की भूमिका भी सराहनीय है
खैर बात जो भी हो...फिलहाल अब देश की राजनीति का एक मुख्या बिन्दु जात-पात भी है ..हम हमेशा से घमंड करते आए है की हमारे देश ने इतनी धरम और इतनी भाषाए है ..मगर ये सब हमे एक हाशिये की तरफ़ धकेल रहे है जिसके लिए शायद हम तैयार हो रहे है..
आगे देश की राजनीती की रणनीति इन्ही समीकरणों पर टिकी होगी की किसे खुश करना है किसे नही॥
सत्ता के सेमीफाइनल ने एक final mesej तो जरुर दिया है ..की आगे सत्ता के नए समीकरणों की आधारशिला क्या होगी॥
एक सवाल ...ऐसे में आम जनता की क्या भूमिका होगी?? क्या वो एक दर्शक मात्र ही रहेगा?? क्या वोट देने के बाद उसकी जिम्मेदारी ख़तम हो जाती है??

9 comments:

Unknown said...

ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है, मेरी शुभकामनायें आपके साथ हैं… इसी तरह खूब अच्छा लिखें… एक अर्ज है कि कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें ताकि टिप्पणी करने में बाधा न आये… धन्यवाद्।

Anonymous said...

Dear Friend,
You have a good command over Indian Politics. Well written.
One thing I have realised while blogging that readers like short posts. All the best to you.
Congratulations.
Your welcome to my blogs
chandar30(at)gmail(dot)com
lifemazedar.blogspot.com
mazedarindianfoodconcept.blogspot.com
avtarmeherbaba.blogspot.com
kvkrewa.blotspot.com

Prakash Badal said...

स्वागतहै आपका

अमिताभ said...

dearest mohit ,
welcome!!
with best regards
amitabh

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर ...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

राजीव थेपड़ा ( भूतनाथ ) said...

आओ भाई.........सफलता आपकी राह में ही बैठी है....वो देखो.........दूर..............वो ..........है ना.........!!

Pt. D.K. Sharma "Vatsa" said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.
खूब लिखें,अच्छा लिखें

mohit said...

aap sab ke sneh ka shukriya..magar me chahunga ki aap mere vichaaro par tippani(openion/comments) dey to zada behtar hoga...

mohit said...

aapka abhaar..meney word verification pehley se hee hata diya hai..fir bhi shayad nahi hat rha hai..!!